जालंधर (राहुल अग्रवाल) :- जालंधर में एक बेरहम पिता ने अपनी रोती हुई बच्ची को चुप कराने की बजाय अपनी पांच साल की बेटी का गला घोंट दिया ओर मार डाला। बच्ची का कसूर सिर्फ इतना था कि वह रो रही थी और पिता उसकी आवाज बर्दाश्त नहीं कर सका। रोती हुई बच्ची की आवाज, जो माता-पिता के लिए सबसे प्यारी चीज होती है, उसकी मौत का कारण बन गई। बेरहम पिता ने पहले उसे उठाकर नीचे फेंका, और जब उसने रोना बंद नहीं किया, तो उसने उसका गला घोंटकर मार डाला। यह दुखद घटना जालंधर के दूरदर्शन एन्क्लेव में हुई, जहां पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी मुताबिक आरोपी की पहचान अरविंदर सिंह के रूप में हुई है,जो मूल रूप से छत्तीसगढ़ का रहने वाला एक दिहाड़ी मजदूर है,जो फिलहाल दूरदर्शन एन्क्लेव में रहता है। बच्ची के चाचा हिम्मत कुमार ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अरविंदर को गिरफ्तार कर लिया।आरोपी आरोपी नशे का आदी था और परिवार की हालत बहुत खराब थी। शिकायत में कहा गया है कि अरविंदर सिंह नशे का आदी था और अक्सर शराब पीता था आरोपी दिहाड़ी मज़दूर के तौर पर काम करता था, जबकि उसकी पत्नी घर में काम करके परिवार चलाती थी। पैसे की तंगी और घरेलू तनाव के बीच, पांच साल की निहारिका अपने माता-पिता के साथ रह रही थी। 3 फरवरी को निहारिका की मां काम पर गई हुई थी और घर पर सिर्फ़ अरविंदर और बच्ची ही थे। इस दौरान अरविंदर शराब पी रहा था। दोपहर करीब 2:30 बजे निहारिका भूख से रोने लगी। आरोपी ने पहले उसके मुंह में शराब डालकर उसे चुप कराने की कोशिश की और फिर उसे उठाकर नीचे फेंक दिया। बताया जाता है कि बार-बार नीचे धकेलने की कोशिश के बाद भी जब बच्ची रोती रही, तो अरविंदर अपना आपा खो बैठा और उसने अपनी मासूम बेटी का गला घोंट दिया, जिससे उसकी तुरंत मौत हो गई। थोड़ी देर बाद जब पड़ोसियों को इस घटना के बारे में पता चला, तो घर में मातम छा गया।
मां पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। जब निहारिका की मां काम से लौटी और उसे अपनी बेटी की मौत के बारे में पता चला, तो वह बहुत दुखी हुई। निहारिका उसकी इकलौती संतान थी। पुलिस ने आरोपी अरविंदर को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया।
